भारत के सपनों की नयी उड़ान

Updated: Mar 27





भारत देश में ऐसे बहुत सारे लोग हैं जिन्हे या तो रोज काम ढूंढ़ना पड़ता है, या जो छोटे छोटे संस्थानो में काम करते है। यह लोग इलेक्ट्रीशियन, बढ़ई, तकनीशियन, नर्स जैसे काम करते हैं। इस प्रकार का काम करने वालों को 'ब्लू कॉलरया ग्रे कॉलर वर्कर' कहा जाता है। इन लोगो ने देश के विकास में बहुत योगदान दिया है लेकिन इनके विकास पर किसी का ध्यान नहीं है। इन लोगो को ना ढंग से ट्रेनिंग दी जाती है , ना इस बात का ख्याल रखा जाता है की इनको और बेहतर काम मिले।


लेकिन देश में ख़ास काम करने वाले लोग जैसे डॉक्टर, सॉफ्टवेयर इंजीनियर, बैंकर आदि, जिन्हे 'वाइट कॉलर वर्कर' कहा जाता है, उनके लिए बहुत सारे अवसर है। चाहे वो अच्छा जॉब पाना हो, कंपनी बदलना हो या ऑनलाइन काम ढूंढ़ना हो। ऐसी सुविधाएँ हमारे 'ब्लू एवं ग्रे कालर वर्कर' के लिए नहीं है। ये सोचने वाली बात है, क्योंकि देश मैं ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर की संख्या वाइट कॉलर वर्कर से कई गुना ज्यादा हैं।



क्यों ना 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' को भी वही सुविधाएं मिले, जो वाइट कॉलर वर्कर को मिलती हैं। यही सोच कर मैंने मार्च 2020 में इन लोगो के लिए काम करना शुरू किया। जब मैंने ये विचार अपने दोस्तों के साथ बांटा तो उनको भी ये विचार पसंद आया। हमने सबसे पहले यह जानकारी निकाली की 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' को क्या परेशानियां आती हैं, साथ ही ये भी पता लगाया की 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' से काम करवाने करवाने वाले व्यापारियों को क्या दिक्कत आती है।


हमने सबसे आखिर मैं ये सोचा कि ये सब परेशानियां दूर कैसी की जाए। हमें रिसर्च के बाद पता चला कि -



देश में 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' एवं अन्य असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों की संख्या 42 करोड़ से ज्यादा है ।

  1. ये संख्या देश के कुल कर्मचारियों की 93 % है।

  2. देश में ऐसे 73 जिले है, जहाँ से बहुत सारे लोग काम की तलाश में दूसरी जगह जाते है ।

  3. इसके सामने देश में ऐसे सिर्फ 23 जिले है, जहाँ ज्यादा संख्या में लोग काम की तलाश में आते हैं।

  4. दुनिया के दूसरे देशों के मुकाबले भारत में युवाओ का प्रतिशत सबसे ज्यादा है । इस युवा जनसंख्या के कारण, आने वाले समय में हमारे देश में बहुत विकास होगा ।



हमारी रिसर्च से हमें ये तो पता चल चुका था की देश में 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' का बाजार बहुत बड़ा है । अब हम और गहराई में जा कर इस प्रकार का काम करने वाले लोगों की परेशानियां जानना चाहते थे।

हमें पता चला कि -


  1. ऐसे एजेंट जो लोगो को 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' काम दिलाते है , वो नियमों से नहीं चलते।

  2. ये एजेंट्स काम दिलाने के बदले मनमाना पैसा लेते हैं।

  3. 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' की मदद के लिए ज्यादा कानून नहीं हैं।

  4. एक 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' अपने टाइम के हिसाब से काम नहीं कर सकता, उसे अपनी सुविधा के अनुसार काम पर आने और जाने की छूट नहीं होती।

  5. 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' ने इससे पहले कहाँ काम किया, क्या काम किया, या कितने दिन काम किया, इस प्रकार का कोई सर्टिफिकेट या रिकॉर्ड नहीं होता।

  6. 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' को लोन मिलने में तकलीफ होती है, क्योंकि उनके पास कोई पुराने रिकॉर्ड नहीं होते।

  7. स्किल डेवलपमेंट के अवसर बहुत कम होते हैं।

  8. आगे बढ़ने के लिए क्या करना चाहिए ये कोई नहीं बताता।

सच तो ये है की 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' वर्कर को काम देने वाले व्यापारियों और छोटी कंपनियों को भी काफी तकलीफें होती है | देश में ऐसे करीब 6.3 करोड़ छोटे उद्योग है जो एक जैसी परेशानियां झेल रहे हैं, जैसे कि -

  1. सीजनल काम के लिए टाइम पर वर्कर नहीं मिलते।

  2. जिस तरीके के एक्सपर्ट वर्कर चाहिए वो नहीं मिलते।

  3. वर्कर का कोई एक्सपीरियंस सर्टिफिकेट नहीं होता।

  4. वर्कर जब मर्जी चाहे काम छोड़ कर चले जाते हैं।

  5. हाजिरी लगाने में, और वेतन का हिसाब करने में गड़बड़ियां होती है।

  6. नए वर्कर को ढूंढ़ने में बहुत टाइम और पैसा लगता है।

  7. वर्कर की पहचान और शिक्षा को वेरीफाई करने का कोई तरीका नहीं है।


भारत देश में चीजें आसान भी हुई हैं जब से JAM (JanDhan – Aadhaar – Mobile) आया है, याने जब से आम आदमी के जनधन खाते खुले हैं, उसे आधार कार्ड मिले है और जब से सब के पास मोबाइल फ़ोन आ गया है।

नयी टेक्नोलॉजी के तेज़ विकास के कारण हमारा देश एक बहुत ही अलग स्थान पर है। आने वाले वक़्त में बहुत प्रकार के काम काज मोबाइल पर चलने लगेंगे, हम टेक्नोलॉजी का उपयोग कर इन सब समस्याओं को हल कर सकते हैं।


जब 2017 में Jio आया तब से देश के आम आदमी के पास इंटरनेट पहुंचा । बहुत सारे काम अब इंटरनेट के माध्यम से होने लगे हैं। देश में 2020 में इंटरनेट चलाने वाले 65 करोड़ लोग थे, और 2025 तक ये संख्या 90 करोड़ हो जाएगी।


क्योंकि अब इंटरनेट देश के हर कोने तक पहुँच चुका है, हम इसी का फायदा उठा कर 'ब्लू एवं ग्रे कॉलर वर्कर' से जुड़ी सारी समस्याएं हल करना चाहते हैं।


हमसे जुड़ने के फायदे

हमने बनाया है एक ऐसा ऐप , जहाँ काम ढूंढ़ने वाले और काम करने वाले एक दुसरे से मिल पाएं। एक ऐसी जगह जहाँ खुद को रजिस्टर करना और अपनी पसंद का काम पाना बहुत आसान है। यहाँ तक की यहाँ कोई भी अपना डिजिटल बायो डाटा 5 मिनिट में बना सकता है ।

इससे और भी फायदे होंगे

  1. जरुरत के हिसाब से तुरंत नौकरी मिलेगी

  2. जिस कंपनी को जैसा वर्कर चाहिए होगा, उसे वैसा ही वर्कर मिलेगा

  3. वर्कर की हाजिरी का हिसाब रखने के लिए आसान तरीका मिलेगा

  4. काम के पैसे का पूरा भुगतान वर्कर को डायरेक्ट होगा

  5. वर्कर अपनी मर्जी के अनुसार उसका वेतन चुनेगा

  6. प्रति घंटे काम के अनुसार पेमेंट मिलने का सिस्टम

  7. वर्कर अपना डिजिटल बायो डाटा मेन्टेन रखेगा

  8. सबको स्किल डेवलपमेंट के अवसर मिलेंगे।


हमारा उद्देश्य है एक ऐसा वातावरण बनाना जो हमसे जुड़ने वाले हर व्यक्ति को बेहतर ढंग से काम करने का मौका दे |

सपनो को सच करने का वक़्त


कंपनी शुरू करने से अब तक ये एक बेहतरीन सफर रहा है, इस समय में हमने बहुत कुछ सीखा और ये सफर अभी भी जारी है ।


हमें स्टार्टअप इंडिया, डिजिलॉकर, i-स्टार्ट राजस्थान, फिक्की फॉर स्टार्टअप्स जैसे कई महत्वपूर्ण संस्थानों से भी मान्यता प्राप्त है।



अगर आप इसे यूज़ करना चाहते हैं तो अभी ऐप डाउनलोड करें -


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